कहो ना कभी की तुम मेरे साथ साथ आओगे
दिन कई मेरे संग बिताओगे
रातों में ख्वाब में भी तुम आओगे
दिन कई मेरे संग बिताओगे
रातों में ख्वाब में भी तुम आओगे
कहो ना कभी ऐसे भी, की मेरे संग तुम गाओगे
गीत नए धुन नयी हमारे वासते बनोगे
मेरी नज़रों के सामने नाचते ही जाओगे
मुस्कुराहटों से तुम मेरी दुनिया को भर जोगी
कहो ना कभी की मेरे हाथों में हाथ तुम डालोगे
पैरों से पैर हर घडी मिलाओगे
हर सफ़र को ताज़ा तुम बनाओगे
हर डगर को अपने रंगों से रंगते ही जाओगे
गीत नए धुन नयी हमारे वासते बनोगे
मेरी नज़रों के सामने नाचते ही जाओगे
मुस्कुराहटों से तुम मेरी दुनिया को भर जोगी
कहो ना कभी की मेरे हाथों में हाथ तुम डालोगे
पैरों से पैर हर घडी मिलाओगे
हर सफ़र को ताज़ा तुम बनाओगे
हर डगर को अपने रंगों से रंगते ही जाओगे
कहो ना अब क्यूँ खामोश हो ?
दिलबर मेरे कहाँ मदहोश हो ?
वादा नहीं.. सिर्फ बोल दो
की सदा के लिए .. एक है हम जिस्म दो ...



U inspire me with ur writings !aapki poetry padte padte meri bhi kalam chalne lagti hain :). Though i am very bad at translating hindi into english... hahahaha
ReplyDeleteA simple suggestion..... if i can give you..... please change the font color..... black Isnt looking gud.... accha nagi lag raha hain.......:)
ReplyDeleteFor such a lovely poetry.....
lovely :)
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